मौत…. (The Death)

दिल की धड़कन है या गोलियों का शोर है, फ़ासले हो जायेगें नज़दीक आ जां मिला ले, दिल जला के, ज़िंदगी को, न जाने कब मिलेगी ये नसीब दिल मैं तो चैन नहीं, रैन नहीं, सह्न नहीं, ये ख़याल तो खाए जाए जीना तो मौत है न जाने कब आएगा, किसे बुलाके ये किसे ले जाएगा मौत…. जीने के लिए ज़रूरी है ये मौत…. कैसे बन गई मज़बूरी है ये मौत…. लम्हे रुक जाते जब ये आती मौत…. सांसों को बाँहों में लेके जाती ज़िंदा होके मर गया,मैं मरके ज़िंदा हो गया दिल की धड़कन मैं ये ज़िन्दगी का शोर … Continue reading मौत…. (The Death)